सृजन संवाद प्रतियोगिता का एक निर्णय पिछले हफ्ते आ गया और अंतिम निर्णय दो दिनों में घोषित होने वाला है। मैंने एक बात नोटिस की है कि कतिपय रचनाकार मित्र कुछ क्षुब्ध दिख रहे हैं (कृपया नाम वाम पूछकर और उधार मांगकर शर्मिंदा न करें)।
दरअसल लोग ‘प्रकाशन करने योग्य’ और ‘प्रतियोगिता में अन्य को पछाड़ने योग्य’ प्रविष्टि में अंतर ही नही कर पा रहे । ये good , better , best जैसा अंतर है । आपकी प्रविष्टि विजयी नही हुई तो इसका अर्थ ये नही है कि आपकी प्रविष्टि ‘छपने योग्य’ और सराहनीय नही है …! इसका बस इतना ही अर्थ हुआ कि आपकी प्रविष्टि प्रतियोगिता के मानकों के अनुकूल नही थी । हो सकता है आपने सामान्य से बहुत लंबी कहानी भेजी हो , हो सकता है आपने सामाजिक सरोकारों की बजाए एक निहायत ही व्यक्तिगत भावभूमि का चित्रण करती एक रचना भेजी हो , हो सकता है आपकी प्यारी सी प्रेम कहानी या कविता से प्रेम-रसहीन निर्णायक खुद को कनेक्ट न कर पाये हों …. हो सकता है आपने पहाड़ों पर टेसू के फूल खिले देखे हों और निर्णायकों ने सोचा हो “कितना टेसू पढ़ें ? सबको लाल रंग टेसू का ही दिखता है , गुड़हल का क्या अचार बनाते हो?”
कुछ रचनाकारों ने दो दो तीन तीन प्रविष्टियां भेज दीं । अरे यार ! जब तुम खुद अपनी रचनाओं में से एक सर्वोत्तम नही चुन पाये , तो हम क्या खाक चुनेंगे ?
न चयनित होने के बावजूद कुछ रचनायें बहुत अच्छी और प्रकाशित करने योग्य हैं । जब वेबसाइट अच्छे से डेवलप हो जायेगी तो देखियेगा यही वेबसाइट वाले आपसे आग्रह करके रचनायें मांगेंगे । April 13, 2017 at 01:51PM

Advertisements

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s