शिव बहादुर सिंह के छोटे लड़के का विवाह था । बारात निकल चुकी थी पर उनके समधी बाबू लक्ष्मी नारायण सिंह नहीं आये थे । उनका कहना था की ऑर्केस्ट्रा जायेगा तो वह नहीं जाएँगे और बरातियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऑर्केस्ट्रा तो जा रहा था पर अड़ियल ठाकुर नहीं । अपनी … पढ़ना जारी रखें

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इंक्रेडिबल इंडिया============ लाल जोड़े में लिपटी लाश गंगा की धारा में बहती जा रही थी।पानी और वक्त के थपेड़ों ने सुंदरता से समझौता कर लिया था। मछलियों का झुंड उत्साह पूर्वक उस मांस के लोथड़े के आगे पीछे तैर रहा था।माँग में सिंदूर के कुछ अंश अब भी थे। होठों पर लिपस्टिक, हाथों में मेंहदी … पढ़ना जारी रखें

सृजन संवाद प्रतियोगिता का एक निर्णय पिछले हफ्ते आ गया और अंतिम निर्णय दो दिनों में घोषित होने वाला है। मैंने एक बात नोटिस की है कि कतिपय रचनाकार मित्र कुछ क्षुब्ध दिख रहे हैं (कृपया नाम वाम पूछकर और उधार मांगकर शर्मिंदा न करें)। दरअसल लोग 'प्रकाशन करने योग्य' और 'प्रतियोगिता में अन्य को … पढ़ना जारी रखें

कथ्य के अभिनव प्रयोग के लिये रेखांकित की गयी और विशेष श्रेणी (पारलौकिक विज्ञान) के लिये अलग से नामित की गयी कहानी 'सोलमेट्स' । कहानी को पढ़ते हुये एक लोकप्रिय हॉलीवुड मूवी बार बार जेहन में दस्तक देती है तथापि संवाद योजना , शैली और देशकाल एवम वातावरण का वृहत्तर चित्रण प्रभाव छोड़ता है । … पढ़ना जारी रखें

इस कहानी में संवाद योजना का बेहतरीन संयोजन किया गया है । कहानी यथार्थ , यथातथ्यता और कल्पना का संयोजन होती है । प्रस्तुत है तीसरी उल्लेखनीय कहानी 'नैना'। --- “नैना” “इतनी जल्दी........आःह्ह.. इतनी जल्दी कैसे उठ गये?” नैना ने जम्हाई लेते सवाल दागा। अमूमन समीर दस बजे भी सोता रहता था. फिर उठता था … पढ़ना जारी रखें

उल्लेखनीय रचनाओं की कड़ी में कहानी 'संदेसे आते हैं' .. कहानी चुस्त शैली में संवादों के माध्यम से चलती है और बिम्ब बिखेरती है । किन्तु कहानी में नैरेशन का अभाव खटकता है । भावप्रवणता कहानी में रेखांकित किये जाने योग्य है । ★ ★ ★ . 'की होया कुलजीते, मुँह क्यूँ उतरया है तेरा, … पढ़ना जारी रखें

°° पेपरवेट °° --- रोज की तरह ऑफ़िस से लौटते समय उसनें सदर बस अड्डे से बस पकड़ी। आज़ बस में कुछ ख़ास भीड़-भाड़ नही है। कुछ मिनटों में अगला स्टॉपेज आ गया। इस स्टॉपेज से कुछ लड़के-लड़कियों का ग्रुप बस में चढ़कर उससे बिलकुल आगे की सीटों पर आ जमा। कभी वे चिल्लाते तो … पढ़ना जारी रखें

सृजन संवाद रचना प्रतियोगिता की उपविजेता कहानी 'शोक'। रचनाकार नीरज कुमार 'नीर' मूलतः कवि हैं । उनके लेखन में वैसा ही प्रवाह देखने को मिलता है । सादगी से बुनी गयी , मजबूत कथ्य और सुपरिचित विधा से रचना एक सादगीपूर्ण किन्तु उल्लेखनीय प्रभाव छोड़ती है । रचनाकार को बधाई । ★ ★ ★ गांव … पढ़ना जारी रखें

सृजन संवाद रचना प्रतियोगिता (१) की कहानी विधा में विजयी रचनायें इस प्रकार हैं । विजेता - 'प्रतिशोध' (रिवेश प्रताप सिंह) उपविजेता- 'शोक' (Neeraj Kumar Neer) उल्लेखनीय तीन १- पेपरवेट (सुधीर द्विवेदी) २- संदेसे आते हैं (अरुण राजपुरोहित) ३- नैना (सिद्धार्थ अरोड़ा 'सहर') एक पुरस्कार सृजन संवाद वेबसाइट अपनी तरफ से विशेष तौर पर 'सोलमेट्स'(Seema … पढ़ना जारी रखें

°°° न्याय दो-प्याजा °°° जज ने सामने कटघरे में मौजूद किसान को एक बार भरपूर नजर से देखा और फिर प्रतिवादी वकील से प्रश्न किया - "बोलिये क्या कहते हैं ? क्या आपके मुवक्किल ने अपने पड़ोसी की भैंसे चुरायी हैं??" किसान के वकील ने पेशेवर लहजे में गला खँखारकर जवाब दिया - "माननीय , … पढ़ना जारी रखें